कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग : रोजगार का एक सशक्त माध्यम
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| Advantages Of Computerises Accountancy By Tally.Erp9 |
किसी भी व्यवसायिक संस्था में वित्तीय व्यवहारों का हिसाब किताब रखने तथा वित्तीय परिणामों की जानकारी प्राप्त करने हेतु पारंपरिक रूप से मैन्युअल एकाउंटिंग की जाती थी| मैन्युअल एकाउंटिंग का अर्थ होता है संस्था के वित्तीय व्यवहारों का अकाउंटेंट के द्वारा बुक्स एवं रजिस्टर में हस्तलिखित रूप में एकाउंटिंग करना| मैन्युअल एकाउंटिंग के अंतर्गत संस्था में विभिन्न प्रकार के बुक्स और रजिस्टर जैसे - जर्नल बुक, कैश बुक, लेजर, सेल रजिस्टर, पर्चेस रजिस्टर आदि रखे जाते थे| इन बुक्स और रजिस्टर में किये गए लेखों के आधार पर संस्था के लिए विभिन्न प्रकार की वित्तीय रिपोर्ट जैसे – ट्रायल बैलेंस, प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट, स्टॉक रिपोर्ट आदि लिखित रूप से तैयार किये जाते थे| जिनसे संस्था के वित्तीय परिणामों की जानकारी प्राप्त होती थी|
मैन्युअल एकाउंटिंग के द्वारा संस्था के वित्तीय व्यवहारों का लेखांकन करने और वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने में बहुत अधिक परिश्रम की आवश्यकता होती थी| इस प्रक्रिया में एकाउंटिंग करने में बहुत अधिक समय लगता था और अनेक कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी| इसके अलावा वित्तीय परिणामों की जानकारी प्राप्त करने में बहुत अधिक समय लगता था| मैन्युअल एकाउंटिंग की इन्ही कमियों की वजह से वर्तमान व्यवसायिक परिवेश में तीव्रता से वित्तीय रिपोर्ट प्राप्त करने और समय की बचत करने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थाओं, कंपनियों और फर्मों के द्वारा कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग को अपनाया जा रहा है| कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग का अर्थ होता है कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की सहायता से वित्तीय व्यवहारों का लेखांकन करना और वित्तीय रिपोर्ट तैयार करना| कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग के द्वारा वित्तीय व्यवहारों का लेखांकन करने और विभिन्न प्रकार की वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया बहुत आसन होती है| इसमे समय की बचत होती है| वित्तीय रिपोर्ट अधिक तीव्रता से और त्रुटिरहित रूप में तैयार होती है| जिससे सटीक और शुद्ध वित्तीय परिणामों की जानकारी प्राप्त होती है| कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग के लिए कम कर्मचारियों की आवश्यकता होती है| केवल एक या दो कुशल कर्मचारियों की सहायता से संस्था के एकाउंटिंग प्रभावशाली रूप में की जा सकती है|
वर्तमान समय में ऐसे अकाउंटेंट की बहुत मांग हैं जिन्हें कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग का विशेष ज्ञान और अनुभव हो| कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग के लिए हमें एकाउंटिंग सॉफ्टवेर टैली, ऑफिस मैनेजमेंट सॉफ्टवेर एम. एस. ऑफिस और इन्टरनेट का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है| इनके ज्ञान से हम एक कम्प्यूटर अकाउंटेंट के रूप में रोजगार प्राप्त कर एक अच्छी आय अर्जित कर सकते है| कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग सीखने के लिए यह आवश्यक नहीं है की आपने वाणिज्य संकाय (Commerce Group) में ही शिक्षा प्राप्त की हो| किसी भी संकाय से बारहवीं उत्तीर्ण छात्र कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग सीखकर एक बेहतर कैरियर का चयन कर सकते है| अतः ऐसे छात्र जिन्होंने बारहवीं के बाद पढाई छोड़ दी है या जो उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए है| उनके लिए कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग के क्षेत्र में कैरियर बनाना एक बेहतर विकल्प हैं| इसके अलावा वाणिज्य संकाय (Commerce Group) के छात्र बी.कॉम और एम. कॉम करने के साथ-साथ कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग का ज्ञान प्राप्त कर अच्छी कंपनियों में एकाउंट्स ऑफिसर या एकाउंट्स मैनेजर के रूप बेहतर सैलरी में कार्य कर सकते है| साथ ही कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग का ज्ञान होने पर आप एक पेशेवर अकाउंटेंट के रूप में स्वयं का ऑफिस डालकर छोटी- छोटी संस्थाओ के एकाउंट्स मेंटेन करने का कार्य पार्ट टाइम बेसिस और कॉन्ट्रैक्ट के रूप में लेकर स्वरोजगार अपना सकते है| अतः छात्रों के द्वारा कम्प्युटराइजड एकाउंटिंग के क्षेत्र में कैरियर बनाना एक समझदारी पूर्ण निर्णय साबित हो सकता है|


